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EDITOR-IN-CHIEF- Sanjeev Pahwa


गर पंचायत खीरी के खिलाफ आखिर कार्यवाही से क्यो भाग रहे हैं जिलाधिकारी


सी.एम  पटल पर पहुँचा खीरी नगर पंचायत का भ्रष्टाचार 


 शासनादेश को ताख पर रखकर अधिशाषी अधिकारी करते हैं मनमानी

एस. पी. तिवारी/ नित्यानन्द बाजपेई--दैनिक भास्कर

लखीमपुर-खीरी--इन दिनों नगर पंचायत खीरी भ्रष्टाचार को लेकर जबरदस्त तरीके से चर्चा में बना हुआ है,लगातार खबरें समाचार पत्रों मे प्रकाशित होने के बावजूद उच्चाधिकारी इस मामले को लेकर संज्ञान नही ले रहे हैं। बावजूद इसके इन दिनों नगर पंचायत मे भ्रष्टाचार चरम पर है,जिसका जीता जागता उदाहरण  नगर पंचायत खीरी मे 12 नवम्बर को 21सड़को के निमार्ण कार्य के ई.टेंडर हुए,सभी टेंडरो पर ठेकेदारों ने टेंडर लोड कर हार्ड कापी नगर पंचायत में जमा की गई उसी में लाट नम्बर 15 जो मोहल्ला जोशी टोला में करीम के मकान से गन्ना रोड तक नाली एवं कलर इंटरलाकिंग सड़क पर पांच ठेकेदारो ने नेट पर टेन्डर लोड किया था लेकिन अधिशाषी अधिकारी दिनेश कुमार मिश्र 15 नम्बर की लाट नहीं खोला और इस टेंडर को यह कह कर कि चार ठेकेदारो ने हार्ड कापी नहीं जमा की है इसलिए इस सड़क का टेंडर निरस्त किया जा रहा है, इसकी जानकारी मिलते ही लखीमपुर थरवरनगंज निवासी फिरोज कमाल खान ठेकेदार ने दिनांक 22 नवम्बर को सदर उपजिलाधिकारी से टेंडरो में हेरा फेरी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी जिसमे संलग्न शासनादेश मे स्पष्ट लिखा है कि जो ठेकेदार नेट पर टेंडर लोड करेगा और हार्ड कापी न देने वाले को नोटिस दी जाये,नोटिस के बावजूद भी हार्ड कापी न  जमा करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाये और फर्म को काली सूची मे,शामिल किया जाये, इसके बावजूद शासनादेश का अतिक्रमण करते हुये अधिशाषी अधिकारी ने कोई कार्यवाही नही की जिससे यह मालूम पड़ता है कि टेन्डरो मे हेरा फेरी इन्ही के संरक्षण में की जा रही है इस मामले को एक ठेकेदार दृारा मुख्य मंत्री के पटल पर पहुंचाकर मामले की निष्पक्ष जाँच कराये जाने की माँग की है।

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